आ गई हरियाली तीज की शुभ घड़ी, कुंवारी कन्या रखें व्रत तो मिलेगा मन चाहा वर

8/4/2016 5:42:53 PM
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हरियाली तीज की शुभ घड़ी आ चुकी है. हरियाली तीज श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीय तिथि (5 अगस्त) को मनाई जाएगी. इस त्यौहार को पार्वती के शिव से मिलन की स्मृति में मनाया जाता है. पश्चिमी भारत में इसे प्रमुखता से मनाया जाता है.

बताया जाता है कि सावन महीने में तृतीया तिथि को सौ साल की तपस्या के बाद, देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने का वरदान प्राप्त किया था. यह भी कहा जाता है कि इस दिन जो भी कुंवारी कन्या व्रत रखेगी और शिव-पार्वती की पूजा करेगी, उसके विवाह में आने वाली बढ़ाएं दूर होगी. वहीं सुहागन स्त्रियों को इस व्रत से सौभाग्य की प्राप्ति होगी और वह लम्बी अवधि तक वैवाहिक जीवन का सुख प्राप्त करेगी. यही कारण है कि कुंवारी और सुहागन स्त्रियां दोनों ही इस व्रत को रखती हैं.

इस दिन सुहागन स्त्रियां हरे रंग का श्रृंगार करती हैं. इसके पीछे धार्मिक कारण के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी है. मेहंदी को सुहाग का प्रतिक चिन्ह माना जाता है, इसलिए महिलाएं सुहाग पर्व में मेहंदी अवश्य लगाती हैं. इस त्यौहार का नियम है कि क्रोध को मन के निकट ना आने दें और मेहंदी का औषधीय गुण इसमें महिलाओं की मदद करता है.

वहीं इस पावन अवसर पर सास और बड़े, नई दुल्हन को वस्त्र, हरी चूड़ियां, श्रृंगार सामग्री के साथ-साथ मिठाइयां भी भेंट करती हैं. इनका उद्देश्य होता है कि दुल्हन का सुहाग और श्रृंगार सदैव बना रहे और वंश की वृद्धि हो. 

इसलिए कहा जाता है कि यह त्यौहार स्त्रियों के लिए बहुत महत्व रखता है. 
 

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