दिवाली 2017 : जानें लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

10/18/2017 3:47:51 PM
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19 अक्टूबर को देशभर में दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा. दिवाली का त्योहार देश के एक बड़े त्योहारों में से एक है. इस त्योहार में लोग घरों से लेकर कारखानों की साफ सफाई करते हैं. उसके बाद शुभ मुहर्त देख के माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं. कहा जाता है कि इस पूजा को करने से पूरे वर्ष घर में धन्य-धान्य की कमी नहीं होती. यह त्योहार धनतेरस से शुरू होती है और भाई दूज पर खत्म होता है.

पूजा की विधि

किसी भी मंगल कार्य या पूजन को शुरू करने से पहले श्री गणेश का पूजन किया जाता हैं. भगवान गणेश को स्नान कराएं. वस्त्र अर्पित करें. गंध, पुष, अक्षत अर्पित करें. अब देवी लक्ष्मी का पूजन शुरू करें. माता लक्ष्मी की चांदी, पारद या स्फटिक की प्रतिमा का पूजन से भी उत्तम फल की प्राप्ति होती है. जिस मूर्ति में माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है. उसे अपने पूजा घर में स्थान दें. स्नान पहले जल से फिर पंचामृत से और दोबारा जल से स्नान कराएं.

अब माता लक्ष्मी को वस्त्र अर्पित करें. वस्त्रों के बाद आभूषण पहनाएं. अब पुष्पमाला पहनाएं. सुगंधित इत्र अर्पित करें. अब कुमकुम तिलक करें. अब धूप व दीप अर्पित करें. माता लक्ष्मी को गुलाब के फूल विशेष प्रिय है. 11 या 21 चावल अर्पित करें. श्रद्धानुसार घी या तेल का दीपक लगाएं. देवी लक्ष्मी की पूजा के ल‌िए दीपक की बाती का रंग लाल होना चाहिए दीपक को दायीं ओर रखें. दीपक बायीं ओर नहीं रखना चाह‌िए. आरती करें. आरती के पश्चात् परिक्रमा करें. अब नेवैद्य अर्पित करें. महालक्ष्मी पूजन के दौरन ’’ऊँ महालक्ष्मयै नमः’’इस मंत्र का जप  करते रहें.

दिवाली पूजा और दिवाली शुभ मुहूर्त

1. प्रदोष काल मुहूर्त

माता लक्ष्मी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05.43 से 08.06

समय- 1 घंटा और 5 मिनट

वृषभ काल- 7.11 से 9.06

2. चौघड़िया पूजा मुहूर्त

सुबह- 6.28 से 7.53 – शाम- 4.19 से 8.55

3.महानिशिता काल मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा का अवधि- 51 मिनट- महानिशिता काल- 11.40 से 12.31

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