राशिफल

मेष - Aries

समय मध्यम है। तकनीकी व कला के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करेंगे तथा व्यावसायिक उलझनें भी दूर होंगी। उच्च अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सचेत रहें। समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

मेष – Aries

मेष राशि वालों के लिए जुलाई माह का तृतीय सप्ताह अनुकूल रहेगा। सप्ताह की शुरुआत अच्छी नहीं हो रही है परंतु आगे समय अच्छा है। चन्द्रमा अष्टम भाव एकादश भाव से गोचर करेंगे। 

16-17 जुलाई को चन्द्रमा अष्टम भाव से गोचर करेंगे। समय प्रतिकूल है। आपके सभी कार्यों में अचानक रुकावट व परेशानी महसूस होगी। अनावश्यक वाद-विवाद झगड़े का रूप ले सकता है इसलिए अपने आप पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है धैर्य से काम लें। आगे आने वाला समय अनुकूल है। 

18-19 जुलाई को चन्द्रमा धनु राशि नवम भाव से गोचर करेंगे। धीरे-धीरे पीछे से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। काम और आराम के बीच संतुलन बनाए रखें। नकारात्मकता सोच से दूर रहते हुए आप सकारात्मक सोच बनाएं। धर्म में आस्था बढ़ेगी और लम्बी धार्मिक यात्रा हो सकती है। उच्च अधिकारी वर्ग से मेल-मुलाकात में व्यस्त रहेंगे। समय का फायदा उठाना चाहिए। रुके हुए कार्य बन सकते हैं।

20-21 जुलाई को चन्द्रमा दशम भाव से गोचर करेंगे। पीछे से चली आ रही सफलता आगे भी जारी रहेगी। कारोबार सामान्य बना रहेगा। भाग्य साथ देगा। लाभ की स्थिति बनी रहेगी। आपका राजनीतिक लोगों से मिलना-जुलना जारी रहेगा और उनसे सहयोग प्राप्त होगा। आगे बढऩे का मार्ग प्रशस्त होगा। रुका हुआ धन प्राप्त होगा।

22-23 जुलाई को चन्द्रमा कुंभ राशि एकादश भाव से गोचर करेंगे। समय अनुकूल है। आपके द्वारा किये गये कार्यों की प्रशंसा होगी। लोगों के साथ मेल-जोल बढ़ेगा जिस कारण कार्यक्षेत्र में तरक्की होगी। घर में मेहमानों का आगमन होगा। आप उनकी आवभगत में व्यस्त रह सकते हैं। लाभ की प्राप्ति होगी।   
 

मेष – Aries

मेष राशि वाले जातकों के लिए जुलाई माह का मासिक साप्ताहिक भविष्य

मेष राशि वालों के लिए जुलाई माह के प्रारंभ में चन्द्रमा वृषभ राशि द्वितीय भाव में,  सूर्य, बुध व शुक्र मिथुन राशि तृतीय भाव में, गुरु-राहु सिंह राशि पंचम भाव में, मंगल तुला राशि सप्तम भाव में, शनि वृश्चिक राशि अष्टम भाव में और केतु कुंभ राशि एकादश भाव से गोचर कर रहे हैं।  

1-7 जुलाई मेष राशि वालों के लिए जुलाई माह का प्रथम सप्ताह अति शुभ फल देने वाला रहेगा। 1-2 जुलाई को चन्द्रमा वृषभ राशि द्वितीय भाव से गोचर करेंगे। इस कारण सरकार की तरफ से लाभ मिलेगा। अधिकारी व कर्मचारी वर्ग मददगार साबित होंगे। तरक्की का अवसर मिलेगा। इच्छा अनुसार तबादला हो सकता है। परिश्रम के अनुसार सफलता जरूर मिलेगी। 

3-4 जुलाई को चन्द्रमा मिथुन राशि तृतीय भाव से गोचर करेंगे। इसलिए आप वाणिज्य व्यवसाय में तरक्की करेंगे। यात्रा लाभकारी रहेगी। मन की शंकाएं दूर होंगी। आप राहत की सांस लेंगे। पारिवारिक लोगों के मध्य विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

5 जुलाई की दोपहर तक समय मनोनुकूल रहेगा परंतु दोपहर बाद समय प्रतिकूल हो जाएगा। इसलिए थोड़ा सचेत रहने की जरूरत है और वाद-विवाद से बचें। 5-6-7 जुलाई को चन्द्रमा कर्क राशि चतुर्थ भाव से गोचर करेंगे। आप जमीन जायदाद के विवाद से परेशान रहेंगे। कार्यक्षेत्र में मन कम लगेग। पंूजी निवेश ध्यान से करें। मकान प्रोपर्टी आदि में निवेश के लिए समय अनुकूल नहीं है। चन्द्रमा स्वराशि से गोचर करेंगे इसलिए प्रयत्न करने से कार्य बनेंगे अर्थात सफलता तो प्राप्त होगी परंतु अधिक मेहनत करने के बावजूद कम सफलता प्राप्त होगी। इसलिए वाद-विवाद से बचें और जरूरी न हो तो यात्रा न करें।

8-15 जुलाई मेष राशि वालों के लिए जुलाई माह का दूसरा सप्ताह सामान्यतौर पर उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। प्रयत्न करने से लाभ प्राप्त होगा।  8-9 जुलाई को चन्द्रमा सिंह राशि पंचम भाव से गोचर करेंगे। पीछे से चली आ रही परेशानियां धीरे-धीरे दूर होंगी। संतान सुख में वृद्धि होगी। बच्चों की पढ़ाई की सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। वाणिज्य व्यवसाय सामान्य रहेगा। आर्थिक हालात में सुधार होगा स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। कुछ अच्छी बातें सीखने-समझने को मिलेगी।

10-12 जुलाई को चन्द्रमा कन्या राशि षष्ठ भाव से गोचर करेंगे। समय मनोनुकूल है और उत्तम संपत्ति दायक दिवस रहेगा। आपको रुका हुआ पैसा मिलेगा। लेन-देन के मामलों में सफलता प्राप्त होगी। प्रतिस्पर्धा आदि कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। घर-परिवार के मामलों में परिवर्तन और संगठन की आवश्यकता हो सकती है। शत्रु पक्ष से सावधान रहें।  

13-14 जुलाई को चन्द्रमा तुला राशि सप्तम भाव से गोचर करेंगे। घर का वातावरण सामान्य रहेगा। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। साझेदारी के व्यवसाय में साथियों के साथ अच्छा तालमेल रहेगा। आयात-निर्यात संबंधी कार्यों में सफलता मिलेगी। जिस कारण आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

15 जुलाई को चन्द्रमा वृश्चिक राशि अष्टम भाव से गोचर करेंगे। इसलिए समय प्रतिकूल है, सचेत रहें। वाहन ध्यान से चलाएं दुर्घटना की संभावना है। पूंजी निवेश के लिए समय अनुकूल नहीं है।

16-23 जुलाई मेष राशि वालों के लिए जुलाई माह का तृतीय सप्ताह अनुकूल रहेगा। सप्ताह की शुरुआत अच्छी नहीं हो रही है परंतु आगे समय अच्छा है। चन्द्रमा अष्टम भाव एकादश भाव से गोचर करेंगे। 16-17 जुलाई को चन्द्रमा अष्टम भाव से गोचर करेंगे। समय प्रतिकूल है। आपके सभी कार्यों में अचानक रुकावट व परेशानी महसूस होगी। अनावश्यक वाद-विवाद झगड़े का रूप ले सकता है इसलिए अपने आप पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है धैर्य से काम लें। आगे आने वाला समय अनुकूल है। 

18-19 जुलाई को चन्द्रमा धनु राशि नवम भाव से गोचर करेंगे। धीरे-धीरे पीछे से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। काम और आराम के बीच संतुलन बनाए रखें। नकारात्मकता सोच से दूर रहते हुए आप सकारात्मक सोच बनाएं। धर्म में आस्था बढ़ेगी और लम्बी धार्मिक यात्रा हो सकती है। उच्च अधिकारी वर्ग से मेल-मुलाकात में व्यस्त रहेंगे। समय का फायदा उठाना चाहिए। रुके हुए कार्य बन सकते हैं।

20-21 जुलाई को चन्द्रमा दशम भाव से गोचर करेंगे। पीछे से चली आ रही सफलता आगे भी जारी रहेगी। कारोबार सामान्य बना रहेगा। भाग्य साथ देगा। लाभ की स्थिति बनी रहेगी। आपका राजनीतिक लोगों से मिलना-जुलना जारी रहेगा और उनसे सहयोग प्राप्त होगा। आगे बढऩे का मार्ग प्रशस्त होगा। रुका हुआ धन प्राप्त होगा।

22-23 जुलाई को चन्द्रमा कुंभ राशि एकादश भाव से गोचर करेंगे। समय अनुकूल है। आपके द्वारा किये गये कार्यों की प्रशंसा होगी। लोगों के साथ मेल-जोल बढ़ेगा जिस कारण कार्यक्षेत्र में तरक्की होगी। घर में मेहमानों का आगमन होगा। आप उनकी आवभगत में व्यस्त रह सकते हैं। लाभ की प्राप्ति होगी।  

24-31 जुलाई मेष राशि वालों के लिए जुलाई माह का चतुर्थ सप्ताह सामान्य फल देने वाला रहेगा। इसलिए सप्ताह की शुरुआत अच्छी नहीं हो रही है। इस सप्ताह चन्द्रमा द्वादश भाव से तृतीय भाव तक गोचर करेंगे। 24-26 जुलाई के बीच चन्द्रमा द्वादश भाव से गोचर करेंगे। समय प्रतिकूलता दिखा रहा है इसलिए सचेत रहें।  शत्रुओं की संख्या में इजाफा हो सकता है। आप स्वयं को दूसरों से छोटा महसूस करेंगे और समस्याओं से अपने आपको घिरा पायेंगे। यदि जरूरी न हो तो लम्बी यात्रा न करें क्योंकि अचानक खर्चों में वृद्धि होने की संभावना है।

26-27 जुलाई को चन्द्रमा मेष राशि प्रथम भाव से गोचर करेंगे। समय अनुकूलता की तरफ है। ग्रह स्थिति आपके पक्ष में है। थोड़े प्रयास करने से सभी कार्य अच्छी तरह से पूरे होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आपकी चिर अभिलाषित इच्छाएं पूर्ण होंगी। लेकिन इस बात पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है कि हर छोटा-बड़ा निर्णय सोच समझ कर लें और बुजुर्गों की सलाह से करें।

29-30 जुलाई को चन्द्रमा वृषभ राशि द्वितीय भाव से गोचर करेंगे। समय अनुकूल होगा। प्रयत्न और परिश्रम के अनुसार सफलता एवं लाभ होगा और रुका हुआ धन प्राप्त होगा। आय के नये साधन उपलब्ध होंगे। समस्याओं का निवारण होगा। दृढ़ निश्चय से लिये गये निर्णय लाभदायक रहेंगे। परिवार का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।

31 जुलाई को चन्द्रमा मिथुन राशि तृतीय भाव से गोचर करेंगे। भाई-बहनों के बीच आपसी मतभेद दूर होंगे। उनके सहयोग से कार्यक्षेत्र में रुके हुए कार्य बनेंगे। परिवार के साथ यात्रा होगी और यात्रा में पूरा आनंद प्राप्त होगा।
 

मेष – Aries

मेष राशि के वालो के लिए 2016 शुभ और मंगलमय हो। हमारी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।

• मेष राशि वालों के लिए यह वर्ष चुनौतियों एवं कठिन परिश्रम के साथ-साथ शुभ फलदायी और उपलब्धियों से भरा होगा।
• भाग्योदय होगा। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। कार्यों में गति रहेगी।
• आर्थिक स्थिति सुदृढ़ रहेगी। शनि देव और शुक्र देव आपकी राशि में अष्टम भाव से गोचर कर रहे हैं।
• यह ग्रह योगायोग आपकी संपूर्ण मनोकामना को पूरी करवाएंगे।
• परंतु स्वास्थ्य व कारोबार संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। कारोबार में सफलता के लिए कठिन परिश्रम कड़ी मेहनत करनी होगी।
• परंतु कठिन परिश्रम व कड़ी मेहनत से मनोवांछित सफलताएं अवश्य हासिल होगी।
• श्रीशनिदेव की ढैय्या से आपको कहीं भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
• शोध व साधनाओं के क्षेत्र में प्रगति होगी।
• उच्चाधिकारियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।
• आशा एवं अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य बनेंगे।
• पारिवारिक जीवन खुशियों से भरा रहेगा।
• परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न होंगे।
• भवन-भूमि और वाहन प्राप्ति का प्रबल योग।
• मनोनुकूल व्यावसायिक यात्राएं।
• धन प्राप्ति के अनुकूल साधन उपलब्ध होंगे।
• व्यवसाय में आर्थिक पक्ष सुदृढ़ होगा।
• रुके हुए काम बनेंगे। रुका हुआ धन प्राप्त होगा।
• परंतु बृहस्पतिदेव 11 अगस्त तक पंचम भाव में राहू के साथ गोचर करेंगे। साथ ही 8 जनवरी से 9 मई के  बीच में वक्री अवस्था के दौरान
• साझेदारी के व्यवसाय में धन के डूबने की संभावना नजर आ रही है।
• संतान पक्ष को लेकर परेशानी।
• मान-सम्मान और सुयश में कमी आ सकती है।
• आपकी योजनाएं एवं प्लानिंग में अचानक रुकावट आ सकती है।
• परंतु इन संपूर्ण परेशानियों के बावजूद भी अनेकानेक शुभ समाचारों की प्राप्ति भी होगी।
• सभी कार्य सरलता से बनने लगेंगे।
• रुके हुए कार्य बनने शुरु हो जाएंगे।
• इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें अप्रैल से जून के मध्य मंगलदेव वक्री होंगे।
• इस दौरान सरकार विरोधी कार्य न करें। विवादित सौदों में पूंजी निवेश से बचें।
• नशा आदि करके वाहन न चलाएं।
• विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें तो अच्छा रहेगा।
• जिस तरह के ग्रह योगायोग है इस वर्ष आपके सपने पूरे होंगे।
• यदि आप अविवाहित है तो विवाह का प्रबल योग हैं।
• और यदि आप विवाहित है तो संतान प्राप्ति का प्रबल योग हैं।
• संतान के शादी-विवाह संबंधी सभी मसलें सुंदर तरीके  से निपट जाएंगे।
• पारिवारिक, आर्थिक, सामाजिक व स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अनुकूल व लाभदायक रहेगा।
• यदि आप नौकरी में है तो बॉस आपसे खुश रहेगा।
• आपका मनोनुकूल स्थान परिवर्तन व प्रमोशन के योग बनेगा।
• बुजुर्गों का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त होगा।
• जिस तरह के ग्रह योगायोग है अपने इष्टदेवता की पूर्ण कृपा आपके ऊपर रहेगी।
• धैर्य और संतोष के साथ इष्टदेवता का भजन करेंगे तो यह वर्ष आपके लिए सफलता से भरा रहेगा।

व्यवसाय एवं कॅरियर के दृष्टिकोण से

• देवाधिदेव श्रीशनिदेव वर्ष प्रारंभ से ही आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचरवश भ्रमण कर रहे हैं।
• बृहस्पतिदेव पंचम भाव से सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं।
• 25 मार्च से 13 अगस्त के बीच देवाधिदेव श्रीशनिदेव वक्री अवस्था में रहेंगे।
• और 11 अगस्त को बृहस्पतिदेव कन्या राशि में छठे भाव से गोचर करेंगे।
• संपूर्ण ग्रह योगायोगों को देखा जाएं तो वर्ष का प्रारंभ आर्थिक दृष्टिकोण से सफलताओं से भरा रहेगा।
• आर्थिकलाभ की दृष्टि से यदि आप अपने व्यवसाय में परिवर्तन या आगे विस्तार करना चाहते हैं तो उसके लिए समय अनुकूल है।
• आप परिवर्तन कर सकते हैं, शुभ रहेगा।
• इस वर्ष आय के साधनों में मनोनुकूल सफलता प्राप्त होगी।
• मनोनुकूल आय के साधन और साझेदार उत्पन्न होंगे।
• आयात-निर्यात के व्यवसाय में विशेष सफलता हासिल होगी।
• बृहस्पति देव का यह राशि परिवर्तन पूरे वर्ष आपके लिए व्यावसायिक दृष्टिकोण से मनोनुकूल रहेगा।
• परिश्रम के अनुकूल लाभ की प्राप्ति होगी।
• यदि आप नौकरी में है तो मार्च से लेकर 13 अगस्त तक मनोनुकूल पदोन्नति, स्थान परिवर्तन और धन लाभ की प्राप्ति होगी।
• यदि आप बेरोजगार है तो आपको रोजगार प्राप्त होगा।
• सितंबर से लेकर नवंबर के बीच समय व्यावसायिक दृष्टिकोण से बहुत अनुकूल हैं।
• ग्रह योगायोग के दृष्टिकोण से मेरे अनुभव में आ रहा है कि आपकी संपूर्ण मनोकामनाएं पूरी होगी। रुके हुए काम बनेंगे।
• चल-अचल संपत्ति का लाभ मिलेगा। कॅरियर संबंधी संपूर्ण परेशानियों का निवारण होगा।
• कारोबार में विस्तार के अवसर भी मिलेंगे।
• कुल मिलाकर यह वर्ष आपके लिए अनुकूल रहेगा।
• आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, धन का आगमन बना रहेगा भूमि भवन की प्राप्ति का योग है।
• मेष राशि वालों को अच्छे फल तो प्राप्त होंगे।
• कॅरियर में सफलता के लिए 2016 में 12 अगस्त के बाद का समय अनुकूल व सफलताओं से भरा रहेगा।
• वैसे 25 मार्च से लेकर 12 अगस्त तक का समय भी मेष राशि वालों के लिए अनुकूलताओं से भरा रहेगा।
• कहीं भयभीत होने की जरूरत नहीं है।

सावधानी

• किसी भी कार्य में की गई लापरवाही से बड़ी आर्थिक हानि होने की सम्भावना बनी रहेगी।
• अजनबी व्यक्तियों के साथ व्यावसायिक लेन-देन नुकसानदायक रहेगा।
• यदि आप शेयर मार्किट में है तो आपको काफी सोच विचार व सूझबूझ से कार्य करना होगा।
• व्यवसायिक प्रतिद्वंद्वियों की हर हरकत पर अपनी पैनी नजर रखनी होगी।
• व्यापार में उधार लेन-देन नुकसान का कारण बन सकता है।

उपाय

• यदि आपको इस वर्ष व्यवसाय में किसी भी प्रकार की समस्या आ रही हो तो अपने घर में मंगल यंत्र, श्री यंत्र और बगुलामुखी यंत्र स्थापित करें। 
• सात मुखी रूद्राक्ष दो दाने, आठ मुखी रूद्राक्ष दो दाने और गणेश रूद्राक्ष एक दाना लाल धागे में धारण करें।

पारिवारिक दृष्टिकोण से

• मेष राशि का स्वामी वर्ष के प्रारंभ में अपनी राशि से सप्तम भाव में तुला राशि में गोचरवश भ्रमण कर रहे हैं।
• संतान पक्ष को विशेष सफलता हासिल होगी। मनोनुकूल परीक्षा परिणाम प्राप्त होंगे।
• साथ ही भाई बहनों व जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और दाम्पत्य जीवन में भी मधुरता कायम रहेगी।
• परंतु 8 जनवरी से 9 मई के मध्य जब बृहस्पति वक्री अवस्था में रहेंगे तो इन महीनों में रिश्तों को लेकर थोड़ी सी सावधानी बरतें।
• गलतफहमियां नहीं हो इस बात का विशेष ध्यान रखें।
• पिता और पुत्र के संबंधों में कटुता न आए। 
• इस दौरान संतान की शिक्षा को लेकर विशेष चिंता भी रहेगी।
• इस वर्ष एक बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी अनजान व्यक्ति को अपने रिश्तों के बीच में न आने दें। बहुत अच्छा रहेगा।

उपाय

• इस वर्ष विष्णु पूजा पर विशेष ध्यान दें। अपनी वित्तीय स्थिति व समय के अनुसार समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठान कराने से लाभ प्राप्त होगा।

युवा वर्ग के लिए

• युवा वर्ग के लिए वर्ष 2016 सफलताओं से भरा रहेगा।
• बृहस्पतिदेव आपकी राशि से पंचम भाव में और शनिदेव आपकी राशि से अष्टम भाव में।
• बृहस्पतिदेव और शनिदेव का चर्तुदशम योग आपको पूर्ण लाभ देगा।
• रोजगार संबंधी समस्याओंं का निवारण होगा।
• नए व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
• नौकरी आदि में आने वाली समस्याओं का निवारण भी होगा।
• अनुकूल समय है। किए गए प्रयास अवश्य सफल होंगे।
• कुटिल व स्वार्थी मित्रों से सावधान रहने की जरूरत है।

विद्यार्थी वर्ग के लिए

• मेष राशि का स्वामी वर्ष प्रारंभ में अपनी राशि से सप्तम भाव से तुला राशि में गोचरवश भ्रमण कर रहे हैं।
• भ्रमण करने के कारण शिक्षा के दृष्टिकोण से मेष राशि के जातक-जातिकाओं के लिए यह वर्ष मनोनुकूल और सफलताओं से भरा रहेगा।
• मां सरस्वती की अपार कृपा रहेगी।
• परिश्रम के अनुकूल परीक्षा परिणाम प्राप्त होंगे।
• 8 जनवरी से लेकर 9 मई के बीच में शिक्षा के क्षेत्र में कठिन परिश्रम करना होगा।
• व्यर्थ का रात्रि भ्रमण मित्र मंडली व लापरवाही नुकसान का कारण बन सकती है।
• परंतु उसके बाद किये गये प्रयासों में मनोनुकूल सफलता अवश्य मिलेगी।
• समय आपके पक्ष में करवट ले रहा है।
• 11 अगस्त से मनोनुकूल शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए किए गए प्रयास सफलता देंगे।
• कठिन परिश्रम का लाभ मिलेगा। परीक्षा परिणाम भी अनुकूल प्राप्त होंगे।

युवा वर्ग व विद्यार्थियों के लिए उपाय

• किसी भी धर्म स्थान में पूजा में व साफ-सफाई में उपयोग में आने वाली वस्तुओं का दान करें।

मेष राशि वालों के लिए विशेष

• अपने आवास या व्यापार स्थल के दक्षिण, दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में लाल कनेर का पौधा लगाना बहुत ही अनुकूल फल प्रदान करेगा।

स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से 

• वर्ष प्रारंभ में राशि अधिपति मंगल देव सप्तम भाव से गोचर कर रहे हैं।
• और श्रीशनिदेव आपकी राशि से अष्टम भाव से गोचर कर रहे हैं।
• संपूर्ण ग्रह योगायोग को ध्यान से देखें तो स्वास्थ्य संबंधी थोड़ी सी सावधानी अवश्य बरतनी पड़ेगी।
• विशेष रूप से अप्रैल से जून के मध्य मंगलदेव वक्री रहेंगे।
• इस समय उदर विकार यानी पेट संबंधी परेशानी, अनावश्यक क्रोध, उच्च रक्तचाप, कमर एवं कमर के निचले हिस्सों में परेशानी अवश्य नजर आ रही हैं।
• परंतु कहीं भी चिंतित होने की जरूरत नहीं हैं।
• यदि समय रहते चिकित्सक का सहारा लेंगे तो बीमारी परेशान नहीं करेगी।
• विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें तो अच्छा रहेगा।

उपाय 

• श्रद्धानुसार साबूत लाल मसूर या गुड़ का तुला दान करने से विशेष लाभ प्राप्त होगा।