दीवाली मनाने के 6 रोचक तथ्यद

10/16/2017 7:16:00 PM
img

हम दीवाली क्‍यों मनाते हैं? आखिर इसके पीछे क्‍या कारण है। कुछ लोगों का कहना है कि दीपावली के दिन अयोध्या के राजा राम लंका के अत्याचारी राजा रावण का वध करके अयोध्या वापस लौटे थे। उनके अयोध्‍या आने की खुशी में दीपावली का त्‍योहार मनाया जाता है।

दीपावली मनाने के पीछे अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग धारणाएं हैं। धर्म कोई भी हो मगर इस दिन सभी के मन में उल्‍लास और प्रेम का दीप जलता है। हम सभी अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं। मीठे-मीठे पकवान बनाये जाते हैं। आस-पास के प्रांगण को दीपों और लाइट्स लगाकर रौशन किया जाता है।

हम आपको बताते हैं 7 पौराणिक और ऐतिहासिक कुछ ऐसे रोचक तथ्यों के बारे में, जिसकी वजह से न केवल हिंदू अपितु पूरी दुनिया के लोग दीपावली के त्‍योहार को बड़े हर्ष और उल्‍लास के साथ मनाते हैं।
 

श्री राम अयोध्‍या वापस लौटे
हिन्‍दु मानते हैं कि इस दिन श्री राम लंका के रावण को मार कर वापस अयोध्‍या आए थे। तो ऐसे में उनके आने की खुशी में वहां के निवासियों ने घी के दीपक जला कर उनका दिल से स्‍वागत किया था। तब से दिवाली का त्‍योहार पूरे भारतवर्ष में मनाया जाने लगा है।

सिक्‍खों के लिए है खास दिन: इस दिन सभी सिक्‍ख अपने तीसरे गुरू अमर दास जी का आर्शिवाद लेने के लिए इक्‍ट्ठा होते हैं। 1577 में इसी दिन स्वर्ण मन्दिर का शिलान्यास हुआ था और इसके अलावा 1619 में कार्तिक अमावस्या के दिन सिक्खों के छठे गुरु हरगोबिन्द सिंह जी को जेल से रिहा किया गया था।

श्री कृष्ण ने किया था नरकासुर का वध: दीवाली से एक दिन पहले राक्षस नरकासुर ने 16,000 औरतों का अपहरण कर लिया था। तब भगवान श्री कृष्ण ने असुर राजा का वध करके सभी औरतों को मुक्‍त किया था।  कृष्ण भक्तिधारा के लोग इसी दिन को दीपावली के रूप में मनाते हैं।

विष्णु जी का नरसिंह रुप: एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने नरसिंह रुप धारण कर हिरण्यकश्यप का वध किया था इसी दिन समुद्रमंथन के दौरान लक्ष्मी व धन्वंतरि प्रकट हुए थीं।

जैनियों के लिए खास दिन: जैन धर्म में दीपावली के दिन का काफी बड़ा महत्‍व है, इस दिन आधुनिक जैन धर्म की स्‍थापना के रूप में मनाया जाता है। इसके अलावा दीवाली के दिन जैनियों को निर्वाण भी प्राप्त हुआ था।

आर्य समाज की स्‍थापना के रूप में: आर्य समाज के संस्‍थापक महर्षि दयानन्द ने भारतीय संस्कृति के महान जननायक बनकर दीपावली के दिन अजमेर के निकट अवसान लिया था।

Similar Post You May Like